Class 12th hindi chapter 4| Pro ji sundar reddy [Full Notes]

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Class 12th hindi chapter 4| Pro ji sundar reddy [Full Notes]

यहां आपको यह सब जानकारी मिलेगी

Pro ji sundar reddy ka jivan parichay

प्रो जी सुंदर रेड्डी जी का जन्म 1919 ईस्वी में दक्षिण के भारत के प्रसिद्ध जिला आंध्र प्रदेश में हुआ था। इनकी शुरू की शिक्षा संस्कृत और तेलुगु भाषा में हुई थी। और उच्च शिक्षा हिंदी में हुई, प्रो जी सुंदर रेड्डी बहुत समय तक आंध्र प्रदेश के विश्वविद्यालय में हिंदी विभाग के अध्यक्ष रहे थे, और यहीं पर कार्यरत रहकर इनका 2005 में निधन हो गया।

Pro ji sundar reddy ka jivan parichay short mein (एक दृष्टि में प्रो जी सुंदर रेड्डी का जीवन परिचय)

नाम प्रो जी सुंदर रेड्डी
जन्म सन 1919 ई
जन्म स्थान आंध्र प्रदेश
शिक्षाआंध्र प्रदेश
लेखन विधा तेलुगु और हिंदी भाषा साहित्य
भाषा शैली भाषा विषय और भाग के अनुकूल
शैली – विवेचनात्मक, आलोचनात्मक, गवेषणात्माक,
प्रमुख रचनाएमेरे विचार, साहित्य और समाज, दक्षिण की भाषाएं, और उनका साहित्य आदि।
निधन सन 2005 ई
साहित्य में स्थान समालोचक और विचारक, निबंधकार के रूप में श्रेष्ठ स्थान।

Pro ji sundar reddy ka sahityik parichay

प्रो जी सुंदर रेड्डी श्रेष्ठ विचारक, सजग समालोचक, और सशक्त निबंधकार, हिंदी और दक्षिण की भाषाओं में मैत्री भाव के लिए प्रयत्नशील मानवतावादी दृष्टिकोण के पक्षपाती प्रोफेसर जी सुंदर रेड्डी का व्यक्तित्व और कृतित्व अत्यंत प्रभावशाली था। यह हिंदी के प्रकांड पंडित थे और आंध्र प्रदेश विश्वविद्यालय में स्नातकोत्तर अध्ययन एवं अनुसंधान विभाग में हिंदी और तेलुगु भाषा साहित्य के विभिन्न प्रश्नों पर इन्होंने तुलनात्मक अध्ययन और शोध कार्य संपन्न कराया था। तमिल तेलुगु कन्नड़ और मलयालम भाषा के साहित्य और इतिहास का सूक्ष्म विवेचन करने के साथ-साथ हिंदी भाषा और साहित्य से भी प्रो जी सुंदर रेड्डी तुलना करने में रेडी जी ने पर्याप्त सूची दिखाएं। अहिंदीभाषी प्रदेश के निवासी होते हुए भी प्रोफेसर का हिंदी भाषा पर बहुत अच्छा अधिकार था। सन 2005 ईस्वी में इनका निधन हो गया।

प्रोफेसर जी सुंदर रेड्डी की कीर्तिया किया हैं?

प्रोफेसर सुंदर रेडी जी के आठ ग्रंथ प्रकाशित हुए हैं। इन रचनाओं से साहित्य संसार परिचित है। इन सभी के नाम कुछ इस प्रकार हैं। मेरे विचार साहित्य और समाज हिंदी और तेलुगु एक तुलनात्मक अध्ययन दक्षिण की भाषाएं और उनका साहित्य बेचारी की शोध और बोध वैल्यू दारुल संपादित अंग्रेजी ग्रंथ लैंग्वेज प्रॉब्लम इन इंडिया इस तरह के हिंदी तेलुगु और अंग्रेजी भाषाओं में प्रोफेसर सुंदर रेड्डी जी के अनेक निबंध प्रकाशित हुए हैं इनके सभी निबंधों में मानवतावादी दृष्टिकोण स्पष्ट रूप से दिखाई देता है

भाषा शैली

प्रोफेसर सुंदर रेड्डी जी की भाषा उर्दू अंग्रेजी फारसी आदि है प्रोफेसर सुंदर जी डैडी ने संस्कृत के तत्सम शब्दों में उर्दू फारसी और अंग्रेजी भाषा का उपयोग किया है इनकी भाषा सशक्त और सरलता पूर्वक दिखाई देती है सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि प्रोफेसर सुंदर एडीजी ने अपनी भाषा में मुहावरों और लोकोक्तियों का उपयोग किया है जिसके कारण भाषा प्रभावशाली बन गई है।

शैली – प्रोफेसर सुंदर रेड्डी जी तीन शैली हैं जिसके नाम कुछ इस प्रकार हैं विचारात्मक शैली विवेचनात्मक शैली समीक्षात्मक शैली विचारात्मक शैली में प्रोफेसर सुंदर एडीजी ने अपने विचारों को प्रसिद्ध किया है और कभी ऐसा आत्मक शैली प्रोफेसर सुंदर रेड्डी जी की निबंधों में दिखाई देती है

साहित्य में स्थान

प्रोफेसर सुंदर रेड्डी जी हिंदी साहित्य और जगत के उच्च कोटि में समालोचक विचारक और निबंधकार है

FAQ – प्रोफेसर सुंदर रेड्डी जी के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी
प्रो जी सुंदर रेड्डी के माता-पिता का नाम 

इतिहास के पन्ने सुंदर रेड्डी जी के माता – पिता के नाम से अज्ञात हैं

प्रो जी सुंदर रेड्डी का पूरा नाम क्या है 

प्रोफेसर सुंदर रेड्डी है

प्रो जी सुंदर रेड्डी का जन्म कब हुआ 

1919 ईस्वी में

निम्न में से कौन प्रो जी सुंदर रेड्डी की रचना है?

साहित्य और समाज, मेरे विचार, दक्षिण की भाषाएं, उनका साहित्य, यह सब हैं।

वैचारिक शोध और बोध किसकी रचना है?

वैचारिक शोध और बोध श्यामसुन्दर दास की रचना हैं।

प्रोफेसर सुंदर रेड्डी की मृत्यु कब हुई थी?

2005 ई में।

निम्न में से कौन प्रो जी सुंदर रेड्डी की रचना नहीं है

सूर साहित्य, कुटज, अशोक के फूल,

प्रोफेसर सुंदर रेड्डी जी के चैप्टर के महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न उत्तर ( Pro ji sundar reddy question answer)
साहित्य और समाज निबंध के लेखक कौन हैं?

प्रोफेसर सुंदर रेड्डी जी

निम्नलिखित में से किस ग्रंथ के रचनाकार प्रोफेसर सुंदर रेड्डी जी हैं?

वेचारीकी शोध और बोध

दक्षिण की भाषाएं, और उनका साहित्य, निबंध के रचयिता का नाम बताइए?

प्रोफेसर सुंदर रेड्डी जी

मेरे विचार निबंध के लेखक कौन थे?

प्रोफेसर सुंदर रेड्डी जी

निम्नलिखित में से किस रचना के लेखक प्रोफेसर सुंदर रेड्डी जी हैं?

वेलुगु दारुल

Conclusion (निष्कर्ष)

आज इस पोस्ट में आपने 12th hindi chapter 4 पड़ा है। इस पोस्ट में हमने Pro ji sundar reddy ka jivan parichay और Pro ji sundar reddy ka sahityik parichay पड़ा है अगर आपको यह पोस्ट अच्छा लगा हो तो इसे अपने दोस्तों के पास भी शेयर जरूर करें और अगर आपका प्रोफेसर सुंदर देवी जी के बारे में कोई सवाल है तो हमें कमेंट करें मैं आपके सवाल का जवाब तुरंत देने की कोशिश करूंगा।

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