कक्षा 12th साहित्यिक हिंदी गद्य गरिमा अध्याय 1 वासुदेव शरण अग्रवाल राष्ट्र का स्वरूप Hindi Mein

NCERT Class 12th hindi chapter 1, वासुदेव शरण अग्रवाल का जीवन परिचय? Vasudev Sharan Agarwal का साहित्यिक परिचय? वासुदेव शरण अग्रवाल की रचनाएँ? कोन कोन सी है सभी के नाम, वासुदेव शरण अग्रवाल की कृतियां, वासुदेव शरण अग्रवाल की भाषा शैली कैसी थी? वासुदेव शरण अग्रवाल की प्रमुख रचनाएं? डॉ वासुदेव शरण अग्रवाल का जन्म कब हुआ था? डॉ वासुदेव शरण अग्रवाल का निधन कब हुआ था? डॉ वासुदेव शरण अग्रवाल का साहित्य में क्या स्थान रहा हैं। वासुदेव शरण अग्रवाल के माता पिता का क्या नाम था? वासुदेव शरण अग्रवाल के पाठ का किया नाम है? वासुदेव शरण अग्रवाल का संदर्भ क्या हैं?

आज आपको इस पोस्ट में मैं Class 12th hindi chapter 1 के यह सभी सवालों के जवाब दूंगा जो आपने अभी पढ़े हैं। अगर आप भारती कक्षा के छात्र है तो इस लेख को एक बार पूरा पढ़कर जरूर जाएं

यहां पर आपको Class 12th hindi chapter 1 की पूरी जानकारी मिलेगी। सभी छात्र का सपना होता है कि वह सभी विषय में टॉप करें और अच्छे नंबरों से पास हो लेकिन ऐसा नहीं हो पाता इसका कारण एक ही है आप मेहनत से पढ़ाई करते हैं,

लेकिन आपको सही से याद नहीं हो पाता और चैप्टर समझ में नहीं आता तो इस आर्टिकल में मैं आपको इतनी आसान भाषा में Class 12th hindi chapter 1 पढ़ाऊंगा कि एक बार पढ़कर आपको दोबारा पढ़ने की आवश्यकता नहीं होगी।

अगर आप इस चैप्टर को एक बार मन लगाकर ध्यान से पढ़ लेते हैं। तो आपको इस चैप्टर के सभी क्वेश्चन आंसर भी याद हो जाएंगे साथ में आपको इस चैप्टर का जीवन परिचय भी याद हो जाएगा। लेकिन अगर आप इस चैप्टर को दो से तीन बार लगातार रोजाना पढ़ लेते हैं तो आपको यह चैप्टर रठ जायगा।

प्रिय छात्रों आपका समय न लेते हुए आइए अब हम पढ़ना शुरू करते हैं। सबसे पहले हम पढ़ेंगे वासुदेव शरण अग्रवाल का जीवन परिचय क्या है?

Class 12th hindi chapter 1?  Vasudev Sharan Agarwal?

वासुदेव शरण अग्रवाल का जीवन परिचय? (Biography vasudev sharan agarwal) Class 12th hindi chapter 1

Vasudev sharan agrawal ka jeevan parichay? डॉ वासुदेव शरण अग्रवाल का जन्म 1904 में मेरठ के जनपद खेड़ा ग्राम में हुआ था, वासुदेव शरण अग्रवाल के माता-पिता लखनऊ में रहते थे,

इसीलिए वासुदेव शरण अग्रवाल का बचपन लखनऊ में ही व्यतीत हुआ। और वासुदेव शरण अग्रवाल ने लखनऊ में ही प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की। अग्रवाल जी ने काशी हिंदू विश्वविद्यालय से m.a. की पढ़ाई की थी और लखनऊ विश्वविद्यालय से पाणिनिकालीन भारत शोध पर पीएचडी की उपाधि प्राप्त की।

और अग्रवाल जी ने यहीं से डि लीट की उपाधि प्राप्त की। अग्रवाल जी को पॉली, संस्कृत, अंग्रेजी, आदि। भाषाओं का महत्वपूर्ण ज्ञान था।

इसीलिए इसी क्षेत्र में वासुदेवशरण अग्रवाल विद्वान माने गए हैं। वासुदेवशरण जी काशी हिंदू विश्वविद्यालय में भारतीय महाविद्यालय के पुरातत्व और प्राचीन इतिहास विभाग के अध्यक्ष भी रहे थे। और दुर्भाग्य से इस प्रकार विद्वान का 1967 में निधन हो गया। 

छात्रों को जीवन परिचय लिखने में याद करने में बहुत ज्यादा परेशानी होती है क्योंकि उनके माइंड में यह बात रहती है कि जीवन परिचय बहुत लंबा होता है, लेकिन मैं आपको बता दूं जीवन परिचय याद करना बहुत ही आसान है

जीवन परिचय में आपको मैन मैन बातों का ध्यान रखना होता है, जो उन्होंने अपने जीवन में किया है आप किसी का भी जीवन परिचय लिखते हैं तो यह ध्यान रखें कि उन्होंने अपने जीवन में क्या किया है।

तो उनकी आपको एक कहानी की तरह लिखना होता है जैसे कि आपको बताया है अगर आप Vasudev sharan agrawal ka jeevan parichay आसानी से याद करना चाहते हैं तो आगे पढ़ें।

Vasudev sharan agrawal ka jeevan parichay short mein

नाम डॉ वासुदेव शरण अग्रवाल
जन्मसन 1904
जन्म स्थान मेरठ के लखनऊ खेड़ा गांव में
प्रमुख रचनाएंभारत की एकता, पृथ्वीपुत्र, कल्पवृक्ष, माता भूमि, आदि।
शिक्षा M . A
निधन सन 1967

वासुदेव शरण अग्रवाल का साहित्यिक परिचय?

वासुदेव शरण अग्रवाल जी लखनऊ में मथुरा के पुरातत्व संग्रहालय के निरीक्षक रहे थे केंद्रीय पुरातत्व विभाग के संचालक और राष्ट्रीय संग्रहालय के दिल्ली में अध्यक्ष रहे थे। डॉ वासुदेव शरण अग्रवाल के जीवन का मुख्य उद्देश्य पुरातत्व था। वासुदेव शरण अग्रवाल जी ने प्रागैतिहासिक वैदिक और पौराणिक साहित्य की मर्म के उद्घाटन किया था इनकी संस्कृति और प्राचीन भारतीय इतिहास रचनाओं में प्रामाणिक रूप प्रस्तुत किया और वासुदेव शरण अग्रवाल जी ने झांसी के पर्वत की संजीवनी व्याख्या और बाढ़ भटके हर्षचरित का संस्कृत अध्ययन प्रस्तुत किया और हिंदी साहित्य में एक नई क्रांति ला दी

वासुदेव शरण अग्रवाल की रचनाएँ?

  • कल्पलता मातृ भूमि,
  • भारत की एकता,
  • वेद विद्या,
  • कला और संस्कृति,
  • वाग्बधारा,
  • महर्षि वाल्मीकि,
  • पृथ्वी पुत्र,
  • कल्पबृक्ष,

#वासुदेव शरण अग्रवाल की कृतियां, 

डॉ वासुदेव शरण अग्रवाल ने निबंध रचना में और शोध संपादन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है जिसमें से इनकी प्रमुख रचनाएं इस प्रकार हैं।

निबंध संग्रह – माता भूमि, भारत की एकता, पृथ्वी पुत्र, संस्कृत, कल्पवृक्ष, आदि।

वासुदेव शरण अग्रवाल की भाषा शैली कैसी थी? 

भाषा और शैली यह अलग-अलग दो प्रकार होते हैं। छात्रों को इसके बारे में जानकारी नहीं होती तो आइए दोनों के बारे में एक-एक करके पढ़ते हैं। 

भाषा – वासुदेव शरण अग्रवाल की भाषा खड़ी बोली थी। इसलिए उन्होंने अनेक रचनाएं हिंदी में लिखी हैं उसके बाद इन्होंने संस्कृत भाषा को भी अपनाया और अनेक पुस्तकें संस्कृत भाषा में लिखीं।

शैली – अग्रवाल जी की अनेक शैलियां हैं इन्होंने अपनी शैली में गंभीरता और चिंता पूर्ण विषय पर लेख लिखा था।

डॉ वासुदेव शरण अग्रवाल का साहित्य में क्या स्थान रहा हैं।

अग्रवाल जी ने साहित्य में विशेष स्थान निभाया है, वासुदेव शरण अग्रवाल जी ने हिंदी साहित्य में निबंधकार है लेखक हैं, और अग्रवाल जी साहित्य ग्रंथों के कुशल संपादक के रूप में प्रसिद्ध रहे हैं।

राष्ट्र का स्वरूप’ पाठ के प्रश्न उत्तर (Class 12th hindi chapter 1 question answer)

Que – डॉ वासुदेव शरण अग्रवाल का जन्म कब हुआ था?

Ans- अग्रवाल जी का जन्म 1904 में हुआ था।

Que – डॉ वासुदेव शरण अग्रवाल का निधन कब हुआ था?

Ans- वासुदेव शरण अग्रवाल जी का 1967 ईस्वी में निधन हुआ था।

Que – वासुदेव शरण अग्रवाल के माता पिता का क्या नाम था?

Ans- इतिहास के पन्ने वासुदेव शरण अग्रवाल के माता पिता के नाम से अज्ञात हैं।

Que – वासुदेव शरण अग्रवाल के पाठ का किया नाम है?

Ans- राष्ट्र का स्वरूप अग्रवाल जी के चैप्टर का नाम है।

Que – वासुदेव शरण अग्रवाल का संदर्भ क्या हैं?

Ans- संदर्भ वासुदेव शरण अग्रवाल का अगर आपको संदर्भ लिखने के लिए कहां जाएं तो सबसे पहले आपको उन लाइन को पढ़ना है जो लाइन के आपको संदर्भ लिखने के लिए कहा गया हैं l

भूमि भूमि पर बसने वाले जन और धन की संस्कृति इन तीनों के सम्मेलन से राष्ट्र का स्वरूप बनता है।

यह लाइन जो आपने पढ़ी है वासुदेव शरण अग्रवाल के पाठ की है तो इसका संदर्भ हम इस प्रकार लिखेंगे।

संदर्भ नाम राष्ट्र का स्वरूप है और इस चैप्टर के लेखक का नाम वासुदेव शरण अग्रवाल हैं।

Conclusion (निष्कर्ष) Class 12th hindi chapter 1 | NCERT (Vasudev Sharan Agarwal)

प्रिय छात्रों इस आर्टिकल में Class 12 hindi chapter 1 summary को पढ़ा, यहां पर आपको class 12 hindi chapter की वासुदेव शरण अग्रवाल (Vasudev Shala Agrawal) के बारे में पूरी जानकारी दी हैं। और सबसे बड़ी बात यह आपको hindi chapter 1 class 12 pdf notes डाउनलोड करने के लिए भी दिए हैं अगर आप hindi class 12 chapter 1 pdf डाउनलोड करना चाहते हैं। तो डाउनलोड पर क्लिक करें।

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Class 12th hindi chapter 2

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