हरिशंकर परसाई का जीवन परिचय एबं साहित्ये परिचय ?

हरिशंकर परसाई का जीवन परिचय क्या है ? और हरिशंकर परसाई का साहित्य परिचय क्या है ? इनकी कृतियां क्या है ? इनकी प्रमुख रचनाओं के नाम क्या-क्या है ? यह सारी जानकारी अगर आप प्राप्त करना चाहते हो ! और इनका जीवन परिचय साहित्य परिचय पढ़ना चाहते हो ! 


तो आज आप बिल्कुल सही जगह पर आ चुके हो इस आर्टिकल में आपको पूरी जानकारी मिलेगी ! हरिशंकर परसाई के बारे में हरिशंकर परसाई का पाठ 12 वीं कक्षा मैं पढ़ाया जाता है ! अगर आप 12वीं कक्षा में हो तो आपको यह पाठ पढ़ना अनिवार्य है ! 

इस आर्टिकल को एक बार पढ़ने के बाद आपको दोबारा पाठ पढ़ने की आवश्यकता नहीं होगी ! इस आर्टिकल में ही आपको जीवन परिचय भी याद हो जाएगा ! और साहित्य परिचय भी याद हो जाएगा ! अगर आप इनका जीवन परिचय साहित्य परिचय याद करना चाहते हो तो इस आर्टिकल को आखिर तक पढ़े !


1 जीवन परिचय 
2 साहित्य परिचय 
3 प्रमुख रचनाए 
4 भाषा शैली 
5 साहित्य में स्थान 

सबसे पहले हरिशंकर परसाई का जीवन परिचय पढ़ते हैं ! 

जीवन परिचय

हरिशंकर परसाई का जन्म 22 अगस्त 1924 को मध्य प्रदेश में इटारसी के पास जमानी नाम के गांव में हुआ था ! उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा मध्य प्रदेश में प्राप्त की थी ! और बाद में नागपुर विश्वविद्यालय से प्रसाद जी ने हिंदी भाषा में m.a. की डिग्री को प्राप्त किया था ! 

कुछ समय तक इन्होंने हिंदी का अध्ययन का कार्य किया ! और इनकी सबसे बड़ी बात यह थी कि साहित्य परिचय में परसाईं  जी की विशेष रुचि थी ! इन्होंने नौकरी को भी त्याग दिया ! और स्वतंत्र रूप से लेखन कार्य आरंभ कर दिया ! और हमेशा साहित्य सेवा में जुटे रहे ! 

उन्होंने वसुधा नामक साहित्य मासिक पत्रिका का खुद संपादन और प्रकाशन किया था ! मगर बाद में आर्थिक क्षति होने के कारण इस पत्रिका के प्रकाशन को बंद किया गया था ! और 10 अगस्त 1995 को इस महान लेखक का निधन हो गया !

परसाई जी का साहित्य परिचय



साहित्य परिचय

हरिशंकर परसाई जी निबंधकार हैं ! उन्होंने अनेक निबंधों की रचना की है ! प्रसाद जी निबंधकार के साथ में कहानीकार और उपन्यासकार भी हैं ! और रचनाकार भी हैं परसाई जी ने साहित्य सेवा को ही अपना मुख्य उद्देश्य माना है ! 

कि इसका अंदाजा आप इस प्रकार लगा सकते हो कि परसाई जी ने साहित्य सेवा के लिए नौकरी को भी त्याग दिया था ! नौकरी को त्याग देने के बाद स्वतंत्र लेखन को ही मुख्य उद्देश्य बनाकर साहित्य सेवा में लगे रहे ! और प्रसाद जी ने अनेक कहानियां और उपन्यास भी लिखे थे ! और इनका सन 1995 ईसवी में इस महान लेखक का निधन हो गया था !

दोस्तों अगर आप 12वीं कक्षा के छात्र हो तो आपको यह विशेष ध्यान रखना होगा ! कि आपको साहित्य परिचय हिंदी किताब में से जरूर याद करने होंगे ! साहित्य परिचय 5 नंबर में पूछे जाते हैं ! 12वीं कक्षा में और इसके साथ में जीवन परिचय भी पूछा जाता है ! इसलिए आप जीवन परिचय और साहित्य परिचय जरूर याद कर ले !

कहानी संग्रह 
उपन्यास 
निबंध संग्रह

कहानी संग्रह हंसते हैं रोते हैं ! जैसे उनके दिन फिरे ! यह सब परसाई जी की कहानी संग्रह हैं !

उपन्यास तट की खोज ! रानी नागफनी की कहानी ! यह उपन्यास हरिशंकर परसाई जी के द्वारा लिखे गए हैं !
निबंध संग्रह तब की बात और थी ! पगडंडियों का जमाना ! भूत के पांव पीछे ! बेईमान की परत ! सदाचार का ताबीज ! और अंत में शिकायत मुझे भी है ! यह सब निबंध संग्रह परसाई जी ने लिखे हैं !

भाषा शैली
परसाई जी की भाषा शुद्ध सरल एवं प्रवाह में थी ! उन्होंने मधुर भाषा का उपयोग किया है ! और सबसे ज्यादा खड़ी बोली का उपयोग किया है !



साहित्य में स्थान

हरिशंकर परसाई जी हिंदी साहित्य के एक प्रसिद्ध लेखक हैं ! और यह रचनाकार और निबंधकार और उपन्यासकार हैं ! उन्होंने अनेक उपन्यास निबंध एवं कहानियां लिखी हैं !

संदर्भ 
दोस्तों 2 नंबर का हर साल 12वीं कक्षा में संदर्भ भी हिंदी किताब से किसी भी चैप्टर से पूछा जा सकता है ! इसलिए आपको संदर्भ लिखना आना चाहिए ! तो हरीशंकर परसाई के पाठ का संदर्भ कैसे लिखा जाता है ! चलिए पढ़ लेते हैं !

संदर्भ

पाठ्य पुस्तक पद्यांश से लिया गया है ! इस पाठ के लेखक हैं हरिशंकर परसाई और इस पाठ का नाम निंदा रस है !

दोस्तों संदर्भ लिखते समय आपको दो चीजों का ध्यान रखना होता है ! आपको सिर्फ पाठ का नाम याद होना चाहिए ! और पाठ के लेखक कौन है यह पता होना चाहिए ! अगर आप इस प्रकार से लिख लोगे तो आपको दो नंबर मिल जाएंगे ! 

अगर आपको पाठ और लेखक का नाम याद है ! तो आप इस प्रकार से भी लिख सकते हो !

पाठ का शीर्षक निंदा रस है और इसके लेखक हरिशंकर परसाई हैं !

शीर्षक का मतलब होता है टाइटल हेडिंग जिस पर बात की जाती है !

संदर्भ किस प्रकार से पूछा जाता है चलिए मैं आपको बता देता हूं !

जब आपको अपना पेपर मिलेगा तो आपको कुछ इस प्रकार का 2 या 3 लाइन का पैराग्राफ लिखा हुआ मिलेगा

बोला अभी सुबह की गाड़ी से उतरा और एकदम तुमसे मिलने चला आया ! जैसे आत्मा का एक खंड दूसरे खंड से मिलने को आतुर रहता है ! 

आते ही झूठ बोला कमबखत कल का आया है ! इस प्रकार से आपको पैराग्राफ लिखा हुआ मिलेगा आपको यह पहचान कर लिखना है कि यह कौन से पाठ से पूछा गया है इसके लेखक का नाम और इस पाठ का नाम लिखना है जैसे कि आपको बताया है ! 



सन्दर्भ 

पाठ् के लेखक का नाम है हरिशंकर परसाई और पाठ का नाम है निंदा रस

चलिए अब हम इनके पाठ के कुछ बहुविकल्पीय प्रश्न पढ़ लेते हैं!

बहुविकल्पीय प्रश्न उत्तर

१ निंदा रस किसकी निबंध रचना है 
हरिशंकर परसाई की

२ हंसते हैं रोते हैं कृति के लेखक का नाम क्या है 
हरिशंकर परसाई

३ जैसे उनके दिन फिरे इसके लेखक का नाम क्या है 
हरिशंकर परसाई

४ किस उपन्यास की रचना हरिशंकर परसाई के द्वारा की गई है
रानी नागफनी की कहानी

५ तब की बात और थी निबंध संग्रह के रचनाकार का नाम हैं 
हरिशंकर परसाई

६ किस निबंध संग्रह के लेखक हरिशंकर परसाई है उसका नाम बताइए
भूत के पांव पीछे के

७ तट की खोज उपन्यास के लेखक का नाम क्या है 
हरिशंकर परसाई

८ किस निबंध संग्रह की रचना हरिशंकर परसाई के द्वारा की गई है 
पगडड़ियों का जमाना


दोस्तों में उम्मीद करता हूं ! आपको यह आर्टिकल पसंद आया होगा ! अगर आपने यह आर्टिकल मन लगाकर पड़ा है और पूरे ध्यान से पढ़ा है ! तो आपके 7  से 8 नंबर पक्के हो गए होंगे हिंदी में !

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