सुमित्रानंदन पंत का जीवन एबं साहित्य परिचय क्या है ?

सुमित्रानंदन पंत का जीवन एबं साहित्य परिचय क्या है ? दोस्तों क्या आप सुमित्रानंदन पंत का जीवन परिचय साहित्य परिचय पढ़ना चाहते हो ! और आप सुमित्रानंदन पंत जी का जीवन एवं साहित्य परिचय याद करना चाहते हो ! 

अगर आप याद करना चाहते हो तो आज आप बिल्कुल सही जगह पर आ चुके हो ! इस आर्टिकल में आपको पूरी जानकारी इनके बारे में मिलेगी ! 

अगर आप 12वीं के छात्र हो तो आपको इनका यह आर्टिकल जरूर पढ़ना चाहिए ! आपको यह आर्टिकल पढ़ने के बाद दूसरी जगह पर इनके बारे में पढ़ने की आवश्यकता नहीं होगी ! तो चलो पढ़ाई स्टार्ट करते हैं!

सुमित्रानंदन पंत का जीवन परिचय 
सुमित्रानंदन पंत जी का साहित्य परिचय 
जीवन परिचय साहित्य परिचय याद कैसे करें
सुमित्रानंदन पंत प्रमुख रचनाएं 
सुमित्रानंदन पंत की भाषा शैली 
साहित्य में स्थान साहित्य परिचय 
सुमित्रानंदन पाठ का संदर्भ 
बहुविकल्पीय प्रश्न उत्तर


सुमित्रानंदन पंत का जीवन परिचय ?

सुमित्रानंदन पंत का जन्म अल्मोड़ा के निकट कौसानी नाम के गांव में 1900 में हुआ था ! सुमित्रानंदन पंत जी को जन्म देकर इनकी मां 6 घंटे के बाद स्वर्गवासी हो गई ! 

माता का निधन होने के बाद इनको पिता ने और दादी ने पाला था ! पंत जी ने 7 वर्ष में ही काव्य रचना करना शुरू कर दिया था ! पंत जी ने पहले शिक्षा का चरण अल्मोड़ा में ही पूरा किया था ! 

और अल्मोड़ा में ही इन्होंने अपना नाम बदलकर गोसाई दत्त से सुमित्रानंदन पंत रखा और 1919 में पंत जी अपने मजले भाई के साथ बनारस चले गए ! 

और यहीं पर इन्होंने क्वींस कॉलेज में शिक्षा को प्राप्त किया ! 1950 में ऑल इंडिया रेडियो परामर्शदाता के पद पर नियुक्त हुए !

और 1957 में प्रत्यक्ष के रूप में रेडियो से संबंध काफी पुराना था ! सरस्वती के इस पुजारी ने 1977 को अलविदा कह दिया !


जीवन परिचय याद कैसे करें ?

बहुत सारे छात्र ऐसे होते हैं जिनको जीवन परिचय याद करने में बहुत ही ज्यादा परेशानी होती है ! और वह याद नहीं कर पाते हैं और सबसे बड़ी बात यह रहती है !

कि जीवन परिचय को याद करने के बाद वह आगे को काफी समय तक याद नहीं रख पाते हैं ! अगर आप इस की परेशानी दूर करना चाहते हो तो बहुत ही आसान तरीका आपको अपनाना है ! 

इस को याद करने के लिए आपको क्या करना होगा चलिए मैं आपको बताता हूं !

जीवन परिचय याद करने के लिए आपको सबसे पहले जिसका जीवन परिचय याद करना है ! उसका नाम याद होना चाहिए ! उनका जन्म याद होना चाहिए ! उनका जन्म स्थान किस स्थान पर जन्म हुआ था !

यह भी याद होना चाहिए माता और पिता का नाम याद होना चाहिए ! और इसके साथ में आपको निधन भी याद करना होगा ! और उनकी शिक्षा क्या है ! 

यह आपको अगर याद हो जाता है तो आप जीवन परिचय लिखना बहुत ही आसानी से सीख जाओगे !

जीवन परिचय !

नाम सुमित्रानंदन पंत 
जन्म 1900 
जन्म स्थान कौसानी ( अल्मोड़ा )  
भाषा शैली 
भाषा इनकी संस्कृत और खड़ी बोली और सरल बोली थी !
शैली छायावादी काव्य शैली आदि ! 
प्रमुख रचनाएं 
सुमित्रानंदन पंत की युगबाड़ी ! लोकायतन ! और चिदंबरा ! और इसके साथ में स्वर्ण – किरण ! उत्तरा ! अतिमा !  यह सब प्रमुख रचनाएं हैं ! 
निधन 1970 
साहित्य में स्थान पंत जी को छायावाद के युग का कवि कहा जाता है ! 


सुमित्रानंदन पंत का साहित्य परिचय ?

सुमित्रानंदन पंत जी छायावादी युग के कवि हैं ! सुमित्रानंदन पंत जी ने 7 वर्ष की अल्प अवस्था में ही यानी के बचपन में ही काव्य रचना करना शुरू कर दिया था ! 

पंत जी कविताओं के साथ में नाटक और उपन्यास और इसके साथ में कहानियों की भी रचना किया करते थे ! पंत जी बहुमुखी के धनी रहे हैं ! 

पंडित जी को 1950 ईस्वी में ऑल इंडिया रेडियो के परामर्शदाता के पद पर नियुक्ति मिली ! और पंत जी 1957 ईस्वी तक ऑल इंडिया रेडियो के परामर्शदाता के पद पर नियुक्त रहे थे ! 

पंत जी को कला और बूढ़ा चांद पर लोकायतन पर चिदंबरा पर साहित्य अकादमी पर ज्ञानपीठ पुरस्कार प्राप्त हुआ था !


सुमित्रानंदन पंत की प्रमुख रचनाएं ?

पंत जी की अनेक रचनाएं हैं ! इसमें सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण युगबाड़ी ! लोकायतन हैं ! और इनकी चिदंबरा भी रचना है ! स्वर्ण किरण ! उत्तरा ! अतिमा ! यह भी सुमित्रानंदन पंत जी की रचनाएं हैं !

सुमित्रानंदन पंत जी भाषा – शैली ?

भाषा और शैली अलग-अलग होती है ! इसलिए हम दोनों को अलग अलग ही पड़ेंगे ! सबस पहले हम भाषा को पढ़ते हैं !

भाषा

सुमित्रानंदन पंत जी की भाषा खड़ी बोली है ! और खड़ी बोली के साथ में संस्कृत निष्ठ भी भाषा है ! और सरल और मधुर भाषा है !

शैली

सुमित्रानंदन पंत जी की शैली अनेक हैं ! उसमें से छायावादी काव्य शैली सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है !

सुमित्रानंदन पंत जी का साहित्य में स्थान ?

सुमित्रानंदन पंत जी कवि हैं ! कवि होने के साथ में नाटककार और उपन्यासकार भी हैं ! उन्होंने अनेक नाटक कहानी और उपन्यास लिखे हैं !

सुमित्रानंदन पंत के पाठ का संदर्भ ?

लेखक का नाम सुमित्रानंदन पंत और पाठ का नाम परिवर्तन ( नौका विहार) 

दोस्तों बहुत से छात्र को यह परेशानी होती हैं ! कि वह संदर्भ या नहीं कर पाते हैं ! लेकिन मैं आपको संदर्भ याद करने का बहुत ही आसान तरीका बता देता हूं ! 

आपको संदर्भ में सिर्फ लेखक का नाम और पाठ का नाम याद करना होता है ! अगर आप यह दो नाम याद कर लेते हो ! तो आप संदर्भ बहुत ही आसानी से लिख सकते हो !


बहुविकल्पीय प्रश्न उत्तर सुमित्रानंदन पंत 

1. लोकायतन किसकी रचना है ?
सुमित्रानंदन पंत

2. सुमित्रानंदन पंत की रचना का नाम क्या है ?
लोकायतन

3. कला और बूढ़ा चांद के रचनाकार का नाम क्या है ?
सुमित्रानंदन पंत

4. स्वर्ण धोली किसकी रचना है ?
सुमित्रानंदन पंत

5. युगपत और उरा कभी ग्रंथों के रचनाकार का नाम क्या है ?
सुमित्रानंदन पंत

6. युगवाणी रचना के लेखक का नाम क्या है ?
सुमित्रानंदन पंत

7. पांच कहानियां किसका कहानी संग्रह है लेखक का नाम लिखिए ?
सुमित्रानंदन पंत

8. हार किसका उपन्यास है लेखक का नाम ?
सुमित्रानंदन पंत

9. बिड़ा के लेखक का नाम क्या है ?
सुमित्रानंदन पंत

10. युगांतर के लेखक का नाम क्या है ?
सुमित्रानंदन पंत


दोस्तों मैं उम्मीद करता हूं ! आपको यह पाठ पसंद आया होगा ! और आपको यह आर्टिकल याद भी हो गया होगा ! अगर आपको इसी प्रकार की और जानकारी बहुत ही आसान भाषा में पढ़ना है ! तो हमारे वेबसाइट को फॉलो करें !


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