कन्हैयालाल मिश्र प्रभाकर का जीवन परिचय एबं साहित्ये परिचय ?

दोस्तों स्वागत है! आपका आज के इस आर्टिकल में आज के इस आर्टिकल में हम पढ़ने वाले हैं! कन्हैयालाल मिश्र प्रभाकर का पूरा अध्याय इस 1 ही आर्टिकल में जो 12th कक्षा में पढ़ाया जाता है! अगर आप यह अध्याय पूरा पढ़ लेते हो तो आपको कहीं भी कन्हैयालाल मिश्र प्रभाकर का पाठ् पढ़ने की आवश्यकता नहीं होगी! 

आज के इस आर्टिकल में हम सबसे पहले पड़ेंगे की कन्हैयालाल मिश्र प्रभाकर का जीवन परिचय क्या है! उसके बाद हम पढ़ेंगे साहित्य परिचय फिर हम पढ़ेंगे संस्मरण ललित निबंध संपादन प्रमुख रचनाएं क्या है भाषा शैली क्या है और साहित्य में स्थान क्या है! 

यह सारी जानकारी आज हम कन्हैयालाल मिश्र प्रभाकर की पढ़ने वाले हैं! और मैं आपको बता दूं इस ही आर्टिकल में आपको इनके पाठ का संदर्भ भी मिलेगा! कि संदर्भ कैसे लिखा जाता है! और सबसे आखिर में हम कुछ इनके बहुविकल्पीय प्रश्न उत्तर भी पढ़ेंगे तो चलिए शुरू करते हैं!

1 जीवन परिचय 
2 साहित्य परिचय 
3 प्रमुख रचनाए 
4 भाषा शैली 
5 साहित्य में स्थान


सबसे पहले हम पढ़ेंगे कन्हैयालाल मिश्र प्रभाकर का जीवन परिचय

जीवन परिचय 

दोस्तों कन्हैयालाल मिश्र प्रभाकर का जन्म सन 1906 ईसवी में देवबंद (सहारनपुर) के एक साधारण ब्राह्मण परिवार में हुआ था! उनके माता पिता का नाम राम दत्तमिश्र था! और इनके माता-पिता कर्मकांडी ब्राह्मण थे! प्रभाकर जी की प्रारंभिक शिक्षा ठीक प्रकार से नहीं हो सकी थी! 

इन्होंने कुछ समय तक खुर्जा की संस्कृत पाठशाला में शिक्षा को प्राप्त किया था! वहां पर राष्ट्रीय नेता आसिफ अली का इन्होंने लेक्चर सुना और लेक्चर सुनकर यह इतने अधिक प्रभावित हुए कि उन्होंने परीक्षा को बीच में ही छोड़ दिया! और राष्ट्रीय आंदोलन में कूद पड़े! और बाद में अपना शेष जीवन राष्ट्र सेवा के लिए ही व्यतीत किया! 

भारत के स्वतंत्र होने के बाद उन्होंने स्वयं को यानी के खुद को पत्रकारिता में लगा दिया! लेखन के अतिरिक्त अपने व्यक्तित्व स्नेहा और संपर्क से भी उन्होंने हिंदी के अनेक नए लेखकों को प्रेरित और प्रोत्साहित किया था! 9 मई 1995 ईस्वी को इस महान साहित्यकार एवं लेखक का निधन हो गया!

दोस्तों आपने कन्हैयालाल मिश्र प्रभाकर का जीवन परिचय तो पूरा पढ़ ही लिया है! अब मैं आपको short में संक्षिप्त में याद करने का तरीका बता देता हूं! अगर आप इनका जीवन परिचय याद करना चाहते हो! तो आपको इन सभी बातों को हमेशा याद रखना होगा! 


आपको सबसे पहले जिसका भी जीवन परिचय याद करना है आपको उसका नाम याद होना चाहिए! उसके पिता का नाम याद होना चाहिए! जन्म कब हुआ था! और जन्म स्थान का नाम क्या है! यह सब पता होना चाहिए! निधन कब हुआ था! और उनकी शिक्षा क्या थी! यह सारी जानकारी आपको पता होनी चाहिए! तो चलिए मैं आपको बताता हूं! कि कन्हैयालाल मिश्र प्रभाकर का नाम पिता का नाम जन्म! जन्म स्थान क्या है!


जीवन परिचय

नाम – कन्हैयालाल मिश्र प्रभाकर 
पिता का नाम – पंडित रमादत्त मिश्र
जन्म – 1906 
जन्म स्थान – देवबंद (सहारनपुर) 
प्रारंभिक – शिक्षा खुर्जा 
संपादन – नया जीवन! और विकास समाचार पत्र! 
लेखन विदा – गद्द्य  साहित्य 
भाषा शैली 
भाषा – तत्समप्रधान! शुद्ध! और साहित्य खड़ीबोली! 
शैली – भावात्मक! वर्णनात्मक! नाटकीय! 
प्रमुख रचनाएं – आकाश के तारे! धरती के फूल! माटी हो गई सोना! जिंदगी मुस्कुराई! 
निधन – 1995 
साहित्य में स्थान – मौलिक प्रतिभासम्पन्न गद्धकार के साथ साथ पत्रकारिता और रिपोतार्ज लेखन के छेत्र में अग्राणी पक्ति में स्थान  


तो दोस्तों आप जैसे कि कन्हैयालाल मिश्र प्रभाकर का छोटा सा जीवन परिचय पढ़ चुके हो! मैं उम्मीद करता हूं आप इसको बहुत ही आसानी से याद कर लोगे! अब हम पढ़ेंगे कन्हैयालाल मिश्र प्रभाकर का साहित्य परिचय! की प्रभाकर  जी का साहित्य परिचय है!

साहित्य परिचय 

प्रभाकर जी का हिंदी के श्रेष्ठ रेखाचित्रकारों! संस्मरणकारों! और निबंधकारों मैं अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान रहा है! इनकी रचनाओं में कलागत आत्मपरकता! चित्रात्मकता था! और संस्मरणातंक!  आत्मकथा को ही प्रमुखता प्राप्त हुई है! प्रभाकर जी को पत्रकारिता के क्षेत्र में अभूतपूर्व सफलता मिली थी! स्वतंत्र आंदोलन के दिनों में प्रभाकर जी ने स्वतंत्र सेनानियों के अनेक मार्मिक संस्मरण लिखे! संस्मरण रिपोतार्ज और पत्रकारिता के क्षेत्र में प्रभाकर जी की सेवाएं चिरस्मरणीय रही हैं! 

कृतियां प्रभाकर जी की कुल 9 ग्रंथ प्रकाशित हुए हैं !
रेखाचित्र नई पीढ़ी के विचार ! जिंदगी मुस्कुराई ! माटी हो गई सोना ! भूले बिसरे चेहरे !
लघुकथा आकाश के तारे! धरती के फूल !
संस्मरण दीप जले शंख बजे ! 
ललित निबंध छड़ बोले काढ़ मुस्काए ! बाजे पायलिया के घुंघरू !
संपादन प्रभाकर जी ने नया जीवन और विकास नामक दो समाचार पत्रों का संपादन किया ! इनमें इनके सामाजिक राजनीतिक और शैक्षिक समस्याओं आशावादी और निरभीरक  विचारों का परिचय मिलता है! इनके अतिरिक्त महक आंगन चहके द्वारा इसकी अत्यंत महत्वपूर्ण कृति भी है! प्रभाकर जी की !

भाषा शैली

भाषा प्रभाकर जी की भाषा सामान्य रूप से तत्सम प्रधान शुद्ध और साहित्य खड़ी बोली है उसमें स्पष्ट था सरलता और सुबोधता है !

शैली प्रभाकर जी का गदा अधिकांश रूप में भावात्मक है अपने संस्मरण और रेखाचित्र आदि में प्रभाकर जी एक कवि के रूप में अपनी बात कहते हुए दिखाई देते हैं भावुकता और मार्मिकता उनके शब्द शब्द में विद्यमान हैं 



हिंदी साहित्य में स्थान

कन्हैयालाल मिश्र प्रभाकर मौलिक प्रतिभा संपन्न गाधिकार थे ! इन्होंने हिंदी गद्य की अनेक नई विधाओं पर अपनी लेखन चलाकर उसे एक अच्छे मुकाम पर पहुंचाया! पत्रकारिता एवं रिपोतार्ज के क्षेत्र में भी इनकी आदित्य स्थान हैं! हिंदी भाषा के साहित्य को में अग्रणी और अनेक दृष्टिओं से एक समृद्ध अधिकार के रूप में प्रतिष्ठित इस महान साहित्यकार को मानव मूल्यों के सजग प्रहरी के रूप में भी याद किया जाता है ! 

दोस्तों अब सबसे बड़ी बात यह आती है ! कि अगर आप दसवीं कक्षा में हैं ! तो आपके पेपर में जीवन परिचय पूछा जाएगा यह साहित्य परिचय तो मैं आपको बता दूं ! अगर आप दसवीं कक्षा में हैं तो आपसे सिर्फ जीवन परिचय पूछा जाएगा ! आपको इस पाठ में जीवन परिचय भी पढ़ाया है ! और अगर आप 12वीं कक्षा में है तो आपसे साहित्यिक परिचय और जीवन परिचय दोनों पूछे जाएंगे ! आप बहुत ही आसानी से दोनों याद कर सकते हो !

संदर्भ यह पाठ गद्यांश से लिया गया है इस पाठ के लेखक कन्हैयालाल मिश्र प्रभाकर है और पाठ का नाम है रोबोट नर्सिंग होम में

दोस्तों अब मैं आपको इस पाठ के कुछ महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न बताता हूं 

1. रोबोट नर्सिंग होम में नामक रिपोतार्ज नम्नलिखित में से किसकी रचना है

कन्हैयालाल मिश्र प्रभाकर की

2. धरती के फूल लघु कथा के कथाकार हैं 

कन्हैयालाल मिश्र प्रभाकर

3. जिंदगी मुस्कुराई नामक रेखाचित्र के रचयिता हैं 

कन्हैयालाल मिश्र प्रभाकर

4. कन्हैयालाल मिश्र प्रभाकर द्वारा रचित लघुकथा है 

आकाश के तारे

5. दीप जले शंख बजे संस्मरण के रचनाकार हैं 

कन्हैयालाल मिश्र प्रभाकर


6. छठ भोले का नमस्कार ललित निबंध के रचयिता हैं 

कन्हैयालाल मिश्र प्रभाकर

दोस्तों उम्मीद करता हूं मैं आपसे कि यह आर्टिकल आपको अच्छा लगा होगा ! अगर आपको यह पसंद आया हो तो हमारी वेबसाइट पर ऐसी ही और जानकारी प्राप्त करने के लिए वेबसाइट को फॉलो करें!

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